Education minister Dharmendra Pradhan Resigns

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

कुछ ही देर पहले भारत के एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिए हैं । इनकी इस्तीफा की लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा जंतर मंतर पर से लेकर कई जगह देश के अलग-अलग हिस्सों में भी प्रोटेस्ट हो रहा था।

कॉकरोच जनता पार्टी के खुश का ठिकाना

कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारियों की जीत के बाद संसद मार्ग पर जश्न का यह महल देखने को मिल रहा है । जिसमें अनेकों राज्यों से छात्र, छात्राओं के खुशी का माहौल का ठिकाना नहीं । जो लगातार देश के अलग-अलग हिस्से से अपना विरोध जताने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने लगातार जंतर मंतर पहुंच रहे थे । उन प्रदर्शनकारियों को यह खबर मिल गई है । कि उनकी जीत हो गई है ।

इस जश्न का माहौल को आप देख सकते हैं । इस देश में मोदी राज्य में 12 सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ है, देश के युवाओं के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की सत्ता को ना सिफ हिलाया बल्कि मोदी को झुका कर इनकी मांगों को मानने को मजबूर कर दिया ।

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने क्या बोले

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के बाद शायर की तरह यह बोले की इस सरकार में इस्तीफा नहीं होते । हम कहना चाहते हैं, की झुकती है, दुनिया बल्कि झुकाने वाला चाहिए ।

यह तस्वीर जंतर मंतरकी है । जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी के युवा को शामिल होते हुए देखने को मिल रहा है । और जश्न का माहौल मना रहे है । संविधान के प्रति उनके हाथ में और जबरदस्त नारेबाजी हाथ में पोस्टर लिए खड़े जिन छात्रों ने पेपर लीक के बाद आत्महत्या कर ली थी । इसकी मुदे को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन जंतर मंतर को हो रहे थे । इस बात से यह स्पष्ट होता है, कि अगर चाहे भारत की युवा तो किसी भी सत्ता को गिरा भी सकते हैं ।

इस आंदोलन के बारे में

नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में अगर कहें, तो 12 सालों में ऐसा देखने को नहीं मिला है, कि कोई भी नेता को इस्तिफा हुआ हो। बल्कि जब से कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना कदम NEET छात्रों के हितों में रखा है, तो बीजेपी सरकार के पार्टी गिरने की नौबत आ गई है। इस आंदोलन में छात्रों ने मिलकर एक आंदोलन निकला जिसमें अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर बने यह आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर से शुरू हुआ । जंतर मंतर पर आंदोलन होने के बाद अनेक राज्यों में भी इस आंदोलन शुरू हो गए ।

इस आंदोलन में सोनम वांगचुक भी जोड़े

इस आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी के साथ सोनम वांगचुक भी जोड़े और 28 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर अपना हंगर स्ट्राइक की शुरुआत किये । और इस स्ट्राइक में लगभग 26 दिनों तक चलता रहा । भूख हड़ताल पर बैटने के बाद सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य काफी खराब होने लगे । भुख हड़ताल के लंबे समय तक बैठने के बाद लगभग 11 किलोग्राम वजन कम होने को देखने को मिला । जिसे यह पता चलता है कि हंगर स्ट्राइक पर बैठने के बाद उनके शरीर कमजोर होने लाग । 26 दिनों की हंगर स्ट्राइक पर बैठने के बाद केंद्रीय मंत्री (जेपी नडा और डॉ . जितेंद्र सिंह ) के मौजूदगी में मेदांता अस्पताल मैं अपना अनशन तोड़े।

इस आंदोलन के महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1- दिल्ली के जंतर मंतर पर हंगर स्ट्राइक पर कौन बैठा था ?

उत्तर-दिल्ली के जंतर मंतर पर हंगर स्ट्राइक पर सोनम वांगचुक ने बैठे थे।

प्रश्न 2-दिल्ली के जंतर मंतर पर हंगर स्ट्राइक कब से शुरू हुआ ?

उत्तर-दिल्ली के जंतर मंतर पर हंगर स्ट्राइक क से शुरू हुआ

प्रश्न 3-सोनम वांगचुक ने हंगर स्ट्राइक पर कितने दिनों तक रहे ?

उत्तर -सोनम वांगचुक ने हंगर स्ट्राइक पर 26 दिनों तक रहे।

By ANKIT KUMAR PAL

मेरा नाम अंकित कुमार पाल है। मैं इंजीनियरिंग का छात्र हूँ और पिछले 2 वर्षों से कंटेंट राइटर के रूप में कार्य कर रहा हूँ। मुझे विभिन्न विषयों पर गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी लेख लिखना पसंद है। सीखना, नई तकनीकों को समझना और अपने लेखन के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी पहुँचाना मेरा उद्देश्य है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *